सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख अपनाया है, जिससे लंबित ध्वस्तीकरण आदेशों पर कार्रवाई की उम्मीद जगी है। प्रदेश में ढाई लाख से अधिक अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश दशकों से फाइलों में दबे हैं, जिनमें लखनऊ के 1992-93 के मामले भी शामिल हैं।